प्राइमरी मार्केट क्या होता है? (Primary Market)

प्राइमरी मार्केट वह जगह है जहाँ कंपनी पहली बार अपने शेयर बेचती है और सीधे कंपनी के पास पैसा जाता है।
यहाँ शेयर पहली बार बनते और बेचे जाते हैं
उदाहरण:
कंपनी IPO (Initial Public Offering) लाती है → लोग कंपनी से सीधे शेयर खरीदते हैं।
पैसा किसे मिलता है?
कंपनी को
क्योंकि यह पहली बार शेयर बेचती है।
प्राइमरी मार्केट में क्या होता है?
- IPO (Initial Public Offering)
- FPO (Follow-on Public Offering)
- Rights Issue
- Private Placement
- Preferential Issue
सेकेंडरी मार्केट क्या होता है? (Secondary Market)
सेकेंडरी मार्केट वह जगह है जहाँ पहले से बने हुए शेयर निवेशक आपस में खरीदते-बेचते हैं।
यहाँ कंपनी शामिल नहीं होती
शेयर खरीदार और विक्रेता → एक-दूसरे के साथ ट्रेड करते हैं।
पैसा किसे मिलता है?
कंपनी को नहीं,
पैसा शेयर बेचने वाले व्यक्ति (Investor) को मिलता है।
सेकेंडरी मार्केट कहाँ होता है?
- NSE (National Stock Exchange)
- BSE (Bombay Stock Exchange)
यह वही मार्केट है जहाँ आप रोज़ शेयर की कीमतें बदलते देखते हैं।
आसान उदाहरण
मान लो कोई कंपनी IPO लाती है।
प्राइमरी मार्केट:
आपने IPO में 100 रुपये देकर शेयर खरीदे →
पैसा कंपनी को गया।
सेकेंडरी मार्केट:
IPO लिस्टिंग के बाद आप वही शेयर 120 रुपये में किसी और को बेचते हैं →
पैसा आपको मिलेगा (कंपनी को नहीं)।
Primary Market vs Secondary Market?
| पॉइंट | प्राइमरी मार्केट | सेकेंडरी मार्केट |
|---|---|---|
| शेयर कहाँ बिकते हैं? | पहली बार | निवेशकों के बीच |
| शेयर किससे खरीदते हैं? | कंपनी से | किसी दूसरे निवेशक से |
| पैसा किसे मिलता है? | कंपनी को | शेयर बेचने वाले निवेशक को |
| उदाहरण | IPO, FPO, Rights Issue | NSE, BSE पर ट्रेडिंग |
